स्थानीय लोगों के अनुसार जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है। इस बार कई दिनों से पानी भरा रहने के कारण विद्यार्थियों को पानी से होकर कक्षाओं तक पहुंचना पड़ रहा है। इससे दुर्घटना और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है।
खेल मैदान में लंबे समय से साफ-सफाई नहीं होने के कारण घास काफी ऊंची हो गई है। पालकों का कहना है कि ऐसे माहौल में जहरीले सांप और बिच्छू आसानी से छिपे रहते हैं। यदि समय रहते घास की कटाई और मैदान की सफाई नहीं कराई गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि समस्या की जानकारी होने के बावजूद विद्यालय प्रबंधन समिति और नगर पंचायत ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने विद्यालय परिसर से तत्काल पानी की निकासी, मैदान की सफाई, घास कटाई और नियमित रखरखाव की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन किया जाएगा। साथ ही जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की गई है।
शाला विकास समिति अध्यक्ष दिनेश साहू ने बताया कि पानी निकासी की समस्या के समाधान के लिए प्रयास जारी हैं और जल्द ही आवश्यक कार्य कराया जाएगा।
वहीं विकासखंड शिक्षा अधिकारी फिंगेश्वर हेमंत साहू ने कहा कि यह गंभीर समस्या है। कोपरा स्कूल का चयन स्वामी विवेकानंद स्कूल के रूप में हो चुका है। मैदान के समतलीकरण एवं अन्य विकास कार्यों के लिए 33 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
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