वनांचल की बेटियों के लिए शिक्षा की नई पहलः एजुकेट गर्ल के सहयोग से 45 गांवों में जलेगी ज्ञान की मशाल

(Mr ds news) गरियाबंद /मैनपुर:_ वनांचल क्षेत्र की उन बालिकाओं और महिलाओं को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है, जो किसी कारणवश पढ़ाई पूरी नहीं कर सकीं। एजुकेट गर्ल के सहयोग से प्रयोग समाज सेवी संस्था, तिल्दा द्वारा बालिका शिक्षा प्रगति कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम के तहत मैनपुर और गरियाबंद विकासखंड के कुल 45 गांवों में शिक्षा का अलख जगाने का लक्ष्य रखा गया है।

14 से 29 वर्ष की बालिकाएं होंगी लक्षित

कार्यक्रम में विशेष रूप से 14 से 29 वर्ष आयु वर्ग की उन बालिकाओ एवं महिलाओं को चिन्हांकित किया जा रहा है, जिन्होंने कम से कम कक्षा 5वीं तक शिक्षा प्राप्त की है, लेकिन 10वीं कक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाई हैं। ऐसी संभावित शिक्षार्थियों को गांव स्तर पर चिन्हांकित कर उन्हें दोबारा पढ़ाई से जोड़ने की पहल की जा रही है।

गांव में ही होगी रोजाना तीन घंटे पढ़ाई

कार्यक्रम की खास बात यह है कि बालिकाओं को पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। गांव स्तर पर स्थानीय सार्वजनिक स्थल का चयन कर पूरे वर्ष प्रतिदिन तीन घंटे अध्ययन कराया जाएगा। इसके बाद शिक्षार्थियों को छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल परीक्षा दिलाने में सहयोग किया जाएगा। परीक्षा के बाद आगे की पढ़ाई और कौशल विकास के अवसरों से जोड़ने की दिशा में भी संस्था सहयोग करेगी।
सोशल मैपिंग से शुरू हुआ जागृति चरण

वर्तमान में कार्यक्रम के 'जागृति चरण' के तहत गांवों में सोशल मैपिंग का कार्य जारी है। इसमें गांव के विभिन्न हितधारकों के साथ बैठक कर नजरी नक्शा तैयार किया जा रहा है। नक्शे में पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, सड़क, पारा-मोहल्ला, नदी-नाला सहित गांव के प्रमुख स्थानों और संभावित शिक्षार्थियों की संख्या का चिन्हांकन किया जा रहा है।

गांव के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का मिल रहा सहयोग 

इस अभियान को सफल बनाने में गांव स्तर पर सरपंच, उपसरपंच, पंच, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका, शिक्षक, स्व सहायता समूह की महिलाएं तथा युवा-युवतियां सहयोग कर रहे हैं। संस्था का उद्देश्य स्थानीय समुदाय की भागीदारी से बालिकाओं के लिए ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जिससे वे अधूरी पढ़ाई पूरी कर अपने भविष्य को नई दिशा दे सकें।

टीम के मार्गदर्शन में अभियान

कार्यक्रम का संचालन प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर कविता नागेश, परमेश्वरी नेगी, मोहनी कश्यप एवं रमेश यदु तथा प्रयोग समाज सेवी संस्था के अध्यक्ष सीताराम सोनवानी, सचिव अरुण भाई कोसरिया और गरियाबंद प्रोग्राम मैनेजर राजेंद्र सिंह राजपूत के विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग से किया जा रहा है।

इस पहल का लक्ष्य केवल पढ़ाई की बेटियों को शिक्षा, आत्मनि से आगे बढ़ने का अवसर देना है। कराना नहीं, बल्कि वनांचल नौर कौशल विकास के माध्यम

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