पीवी ऐप बना परेशानी की वजह, काम के दबाव से बढ़ी नाराजगी
राजस्व पटवारी संघ का कहना है कि पीवी ऐप के माध्यम से भौतिक सत्यापन का कार्य करने के दौरान पटवारियों को कई तरह की तकनीकी और व्यवहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। संघ का आरोप है कि तकनीकी खामियों के कारण काम प्रभावित होने पर भी पटवारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। इससे मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
एक नहीं, कई जिम्मेदारियां; पटवारियों ने गिनाईं समस्याएं
संघ ने अपने ज्ञापन में डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक पंजीयन, किसान पंजीयन, क्रॉप कटिंग, जनगणना, सिंचाई गणना, रेलवे सर्वे और आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जैसे अनेक शासकीय कार्यों का उल्लेख किया है। पटवारियों का कहना है कि लगातार बढ़ते कार्यभार के बीच तकनीकी संसाधनों की समस्याओं और विभागीय दबाव के कारण काम करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसे में शासन-प्रशासन को उनकी व्यावहारिक समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुधार करने चाहिए।
वर्षों से लंबित वेतन विसंगति और पदोन्नति का मुद्दा भी गरमाया
पीवी ऐप की परेशानियों के साथ-साथ वेतन विसंगति और पदोन्नति में हो रही देरी ने भी पटवारियों की नाराजगी बढ़ा दी है। गरियाबंद जिला राजस्व पटवारी संघ ने लंबित मामलों का तत्काल निराकरण करने और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। संघ का कहना है कि लंबे समय से लंबित इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बना हुआ है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो जारी रहेगा आंदोलन
राजस्व पटवारी संघ ने शासन-प्रशासन से पीवी ऐप की तकनीकी एवं व्यवहारिक समस्याओं का समाधान करने, वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति के लंबित मामलों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
अब शासन-प्रशासन के फैसले पर टिकी निगाहें
पटवारियों के अनिश्चितकालीन आंदोलन से राजस्व विभाग के कामकाज पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर अब शासन-प्रशासन के अगले कदम पर निगाहें टिकी हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार और विभागीय अधिकारी पटवारियों की मांगों पर जल्द निर्णय लेकर गतिरोध खत्म करेंगे, या यह आंदोलन आगे और व्यापक रूप लेगा?
बाइटः गुलशन यदु, जिला अध्यक्ष, राजस्व पटवारी संघ
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