गरियाबंद में भालू का खूनी हमला: जंगल में पत्ते तोड़ने गए 55 वर्षीय ग्रामीण को बुरी तरह नोचा, पेट और जांघ में गंभीर चोटें

(Mr ds news)गरियाबंद :_ जिले के ग्राम नहरगांव में जंगल से पत्ते तोड़ने गए 55 वर्षीय ग्रामीण पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। हमले में ग्रामीण गिरधारी विश्वकर्मा के पेट और जांघ में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद घायल ग्रामीण को तत्काल गरियाबंद जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। दिनदहाड़े जंगल में हुए इस हमले से इलाके के ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल है।

पत्ते तोड़ने गए थे जंगल, अचानक सामने आ गया भालू

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम नहरगांव निवासी गिरधारी विश्वकर्मा सरयापानी के जंगल में पत्ते तोड़ने गए थे। इसी दौरान कक्ष क्रमांक 582 के जंगल क्षेत्र में अचानक उनका सामना भालू से हो गया। ग्रामीण कुछ समझ पाते, इससे पहले ही भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनके पेट और जांघ में गंभीर चोटें आईं।

घायल ने फोन कर मांगी मदद

भालू के हमले में घायल होने के बाद गिरधारी विश्वकर्मा ने एक प्रत्यक्षदर्शी को फोन कर मदद मांगी। सूचना मिलते ही उन्हें उपचार के लिए गरियाबंद जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है।
वन विभाग की टीम अस्पताल पहुंची, दी सहायता राशि घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम जिला अस्पताल पहुंची और घायल ग्रामीण को सहायता राशि प्रदान की। फिलहाल घायल की स्थिति को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने नहीं आई है और उनका उपचार जारी है।

जंगल जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

गरियाबंद जिले के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए जंगल से पत्ते और अन्य वनोपज एकत्र करना आजीविका और दैनिक जरूरतों का हिस्सा है। ऐसे में भालू के हमले की घटना ने जंगल जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा और जागरूकता के लिए प्रभावी कदम उठाए, ताकि ऐसी घटनाओं में लोगों को समय रहते सतर्क किया जा सके और जान-माल के नुकसान का खतरा कम हो।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जंगल पर निर्भर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग आगे क्या कदम उठाता है।

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