बताया गया कि अटल चौक से शोभायात्रा की शुरुआत होगी, जिसमें कुल 9 सांप शामिल होंगे। शोभायात्रा गांव की विभिन्न गलियों से होकर गुजरेगी और शीतला माता प्रांगण पहुंचेगी। यहां धार्मिक परंपरा के अनुसार पाठ-पिठौलिया की प्रक्रिया और ठंडा करने की रस्म पूरी की जाएगी। इसके बाद शोभायात्रा वापस लौटेगी।
दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु
देवरी में ऋषि पंचमी के अवसर पर होने वाली इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। गांव में आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है।
आस्था के साथ सांस्कृतिक विरासत भी
सांवरा समिति के गुरु कमलेश साहू के मार्गदर्शन में यह आयोजन हर वर्ष किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा और ग्रामीण सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है।
ऋषि पंचमी के दिन देवरी में निकलने वाली सांपों की यह शोभायात्रा क्षेत्र में अपनी अनोखी परंपरा के लिए खास पहचान रखती है और हर साल बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकर्षित करती है।
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