7 सूत्रीय मांगों को लेकर 300 से अधिक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी लामबंद, 30 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी




(Mr ds news) गरियाबंद:_ जिले के विभिन्न आश्रमों एवं छात्रावासों में वर्षों से कार्यरत 300 से अधिक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और कलेक्टर के नाम आदिवासी सहायक आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी 7 सूत्रीय मांगों पर आगामी 5 दिनों के भीतर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे 30 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठेंगे।

कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 10 से 15 वर्षों से जिले के अलग-अलग आश्रमों और छात्रावासों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमितीकरण और स्थायी नियुक्ति का लाभ नहीं मिल सका है। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, नया रायपुर अटल नगर द्वारा 15 मई 2024 को जारी आदेश में कलेक्टर दर पर कार्यरत दैनिक वेतनभोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को रिक्त पदों पर युक्तियुक्तकरण एवं समायोजन करते हुए नियमित वेतनमान का लाभ देने की बात कही गई थी, लेकिन आदेश का जमीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है।
पीड़ित कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से कई कर्मचारियों का वेतन लंबित है। वहीं कुछ कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व सूचना या कारण बताए कार्य से बाहर कर दिया गया है। इससे उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है और परिवार के पालन-पोषण की समस्या उत्पन्न हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार जिला प्रशासन और आदिवासी सहायक आयुक्त कार्यालय को अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि नियुक्ति के समय उन्हें नियुक्ति आदेश जारी करने और भविष्य में नियमित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्षों बाद भी उनकी स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन पर उनकी मांगों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया।

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि 5 दिवस के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 30 जून से जिलेभर के आश्रमों एवं छात्रावासों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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