सुशासन तिहार पर उठे सवाल ! समस्याओं के समाधान नहीं होने से जनता में बढ़ी नाराजगी – सुखचंद बेसरा



(Mr ds news) गरियाबंद:_ प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “सुशासन तिहार” अब सवालों के घेरे में आती नजर आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में राशन कार्ड, जमीन पट्टा, सीमांकन, प्रधानमंत्री आवास, पेंशन और राजस्व मामलों के लंबित रहने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। समस्याओं के निराकरण में देरी के कारण अब कई जरूरतमंद परिवारों ने सुशासन तिहार से दूरी बनानी शुरू कर दी है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि “सुशासन तिहार अब केवल औपचारिक कार्यक्रम बनकर रह गया है। मंचों से बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आम जनता अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकने को मजबूर है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि गांव-गांव से लोग आवेदन तो दे रहे हैं, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। कई हितग्राही लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, जिससे लोगों का भरोसा टूटता जा रहा है।

बेसरा ने कहा कि सुशासन तिहार में आवेदन लेने और फोटो खिंचवाने तक ही व्यवस्था सीमित रह गई है। यदि सरकार वास्तव में जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर है, तो हर आवेदन का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। केवल शिविर लगाकर और भाषण देकर सशासन स्थापित नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी मांग उठाई कि पिछले वर्ष आयोजित सुशासन तिहार में जिलेभर से मिले मांग पत्रों और शिकायतों की सार्वजनिक जानकारी दी जाए। कितने मामलों का निराकरण हुआ, कितने लंबित हैं और कितने विकास कार्य स्वीकृत हुए - इसकी पूरी रिपोर्ट जनता के सामने रखी जानी चाहिए।

ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार आवेदन देने के बावजूद सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। खासकर प्रधानमंत्री आवास योजना और राशन कार्ड से जुड़े मामलों में लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में “सुशासन तिहार” को लेकर ग्रामीणों के बीच उत्साह की जगह अब निराशा दिखाई देने लगी है।

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