गरियाबंद में निरस्त आवासीय पट्टे बन रहा व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स _ वार्ड क्रमांक 8 में प्रधानमंत्री आवास बेचने का खेल
गरियाबंद। केंद्र से लेकर राज्य और जिला मुख्यालय तक “ट्रिपल इंजन” की सरकार का दावा है कि आमजन को योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ज़रूरतमंदों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान दिए जा रहे हैं ताकि गरीब परिवारों का अपना घर होने का सपना साकार हो सके।
लेकिन दूसरी ओर नगर पालिका परिषद गरियाबंद के वार्ड क्रमांक 08 डाक बंगला क्षेत्र में कुछ हितग्राही शासन की मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार तीन हितग्राहियों द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले मकानों की खुलेआम खरीदी-बिक्री की जा रही है। बताया जा रहा है कि कुछ शासकीय कर्मचारियों ने ये आवास खरीद लिए हैं और अब उन्हें किराए पर उपयोग में ले रहे हैं, जबकि एक व्यापारी ने प्रधानमंत्री आवास का उपयोग बकरी पालन के लिए करना शुरू कर दिया है।
इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई नहीं होने से शासन को आर्थिक नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही वास्तव में पात्र गरीब हितग्राहियों का हक भी छीना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की गंभीर जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंच सके।
इसी वार्ड क्षेत्र में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नेशनल हाईवे रोड पर आवासीय पट्टा क्रमांक 039508, क्षेत्रफल 110 वर्गमीटर, खसरा क्रमांक 978/1,2,3,127 पर निर्माण कार्य जारी है, जबकि डिप्टी कलेक्टर गरियाबंद द्वारा इस पट्टे को 12/12/2019 को निरस्त किया जा चुका है। बावजूद इसके, अब उस जमीन पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
नगर पालिका राजस्व सभापति सुरेन्द्र सोनटेके ने इस पर कहा कि “यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं हैं।आपके माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है।”
वहीं नगर पालिका अध्यक्ष रिखी राम यादव ने कहा कि “नगर में प्रधानमंत्री आवास बेचने की जानकारी मुझे नहीं है, लेकिन अगर ऐसा हुआ है तो शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।”
वहीं इस मामले को लेकर नगर पालिका अधिकारी संध्या वर्मा से मोबाईल पर संपर्क किया गया। कोई जवाब नहीं मिला।
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